Tuesday, 8 December 2015

नाहरगढ़ दुर्ग , जयपुर





नाहरगढ़, दुर्ग, जयपुर

        यह नाहरगढ़ किले की छत है.नाहरगढ़ किले को अरावली पर्वत श्रृंखला के छोर पर आमेर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सवाई राजा जयसिंह द्वितीय ने सन १७३४ में बनवाया था.किंवदंती है कि नाहर सिंह नाम के राजपूत की प्रेतात्मा यहाँ भटका करती थी. किले के निर्माण में व्यवधान करती थी. अतः तांत्रिकों से सलाह ली गयी और उस किले को उस प्रेतात्मा के नाम पर नाहरगढ़ रखने से प्रेतबाधा दूर हो गयी थी. मेरे ठीक पीछे बाएं हाथ की तरफ वाले कोने में नाहर सिंह को प्रतिष्ठित भी किया गया है ..
       १९ वीं शताब्दी में सवाई राम सिंह और सवाई माधो सिंह के द्वारा भी किले के अन्दर भवनों का निर्माण कराया गया था इस किले के अन्दर कमरों का वास्तु आधुनिक वास्तुकला से मिलता जुलता है ..यहाँ से सूर्यास्त का बहुत ही मनोरम दृश्य दिखाई देता है. जयपुर जाइए तो यहाँ से जयपुर शहर के विहंगम दृश्य का आनंद लेना न भूलियेगा ..
 
 

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